पिछली बार तुमने ‘समय प्रबंधन’ के बारे में जो बकवास सुनी थी, वह तुम्हारी औकात से बाहर की बात थी। आज हम उस वास्तविकता की नग्न जांच करेंगे जिसे ‘टास्क मैनिफोल्ड’ (Task Manifold) कहा जाता है। तुम जिसे ‘मेहनत’ कहते हो, वह वास्तव में एक ऐसी अंधेरी गली है जहाँ तुम बिना टॉर्च के अपने गिरे हुए सिक्कों को ढूँढने की कोशिश कर रहे हो। कॉरपोरेट जगत में ‘उत्पादकता’ का ढोंग केवल उन लोगों के लिए है जो यह नहीं जानते कि वे केवल एक सांख्यिकीय कचरे का हिस्सा हैं। तुम्हारा तंत्रिका तंत्र (nervous system) कोई मंदिर नहीं, बल्कि एक सस्ता कोयला इंजन है जो केवल धुंआ और राख पैदा करता है। जब तुम सुबह अपनी मेज पर बैठते हो, तो तुम दुनिया नहीं बदलते, बल्कि तुम केवल अपनी गरीबी और मजबूरी के बीच एक ऐसा रास्ता (geodesic) ढूंढ रहे होते हो जो तुम्हें अगले महीने के किराए तक पहुँचा सके।
श्रम का सड़ा हुआ वक्र
सूचना ज्यामिति (Information Geometry) का उपयोग करके अगर तुम्हारे काम का विश्लेषण किया जाए, तो वह किसी कचरे के ढेर पर बैठे मक्खियों के झुंड जैसा दिखेगा। हर काम एक ‘टास्क मैनिफोल्ड’ पर एक बिंदु है। तुम जिसे ‘कौशल’ कहते हो, वह असल में केवल इतना है कि तुम उस भीड़भाड़ वाले रास्ते पर कितनी चालाकी से दूसरों को धक्का देकर आगे निकल सकते हो। यह कोई महान उपलब्धि नहीं है। यह तो चांदनी चौक की चिलचिलाती धूप में बस के पीछे दौड़ने जैसा है, जहाँ अंत में तुम्हें केवल पसीना, धूल और अपमान ही मिलता है। सच्चाई यह है कि तुम्हारी ‘बौद्धिक क्षमता’ केवल एक सीमित संसाधन है, जो बिल्कुल उस फटे हुए बटुए की तरह है जिसमें तुम जबरदस्ती सिक्के ठूंसने की कोशिश कर रहे हो। जब तुम्हारा मैनेजर ‘इनोवेशन’ की बात करता है, तो वह वास्तव में तुम्हारे दिमाग के फिशर सूचना मैट्रिक्स (Fisher Information Matrix) को निचोड़ रहा होता है, ठीक वैसे ही जैसे एक सड़क किनारे वाला जूस वाला सड़े हुए गन्ने से आखिरी बूंद निकालने की कोशिश करता है। तुम्हारी रचनात्मकता केवल एक ‘बग’ है जिसे यह व्यवस्था अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करती है। तुम थकते नहीं हो, तुम केवल एक खत्म हो चुके मोबाइल चार्जर की तरह बेकार हो जाते हो जो अब किसी काम का नहीं है।
सूचना का नग्न गणित और अभाव
फिशर सूचना मैट्रिक्स तुम्हें यह नहीं बताता कि तुम कितने महान हो, बल्कि यह तुम्हारी सीमाओं का एक क्रूर माप है। यह बताता है कि तुम्हारी ऊर्जा का कितना हिस्सा केवल शोर (noise) पैदा करने में बर्बाद हो रहा है। जब तुम बैंक के एटीएम के सामने खड़े होते हो और स्क्रीन पर ‘अपर्याप्त शेष’ (insufficient funds) का संदेश देखते हो, तो वह जो झल्लाहट, पसीना और शर्म महसूस होती है, वही वास्तव में सूचना का अभाव है। तुम्हारा पूरा करियर इसी अभाव को छुपाने की एक कोशिश है। लोग अपनी अक्षमता को छुपाने के लिए कमर को सहारा देने वाली गद्दी का सहारा लेते हैं, जैसे कि किसी ऊंची कीमत वाले सिंहासन पर बैठने से उनके दिमाग का कबाड़ अचानक सोना बन जाएगा। क्या तुम्हें वाकई लगता है कि पचास हजार रुपये की कुर्सी तुम्हारी रीढ़ की हड्डी के साथ-साथ तुम्हारी किस्मत भी सीधी कर देगी? यह केवल तुम्हारी असुरक्षा का एक महंगा सबूत है। तुम जितना अधिक पैसा इन बेकार की चीजों पर खर्च करते हो, उतना ही तुम उस ‘मैट्रिक्स’ में फंसते जाते हो जो तुम्हारी ऊर्जा को चूस रहा है। तुम्हारी एकाग्रता का स्तर अब उस पुरानी छत जैसा है जो हर मानसून में टपकने लगती है, और तुम उस पर केवल प्लास्टिक की पन्नी बिछाकर खुद को सुरक्षित समझ रहे हो।
संज्ञानात्मक गुलामी का सच
जिसे तुम ‘कार्य-जीवन संतुलन’ कहते हो, वह केवल एक सांख्यिकीय विसंगति है। मानव चेतना कोई व्यवस्थित एल्गोरिथ्म नहीं है, बल्कि यह एक भूखे पेट की तरह है जो हमेशा कुछ न कुछ मांगता रहता है। जब तुम अपने काम में ‘संतुष्टि’ ढूंढते हो, तो तुम वास्तव में अपने फिशर मैट्रिक्स के कर्व को केवल इसलिए सुचारू कर रहे होते हो ताकि तुम्हें अपनी गुलामी का अहसास न हो। यह एक मानसिक एनेस्थीसिया है, जिससे तुम दर्द को महसूस करना बंद कर देते हो। आजकल के दफ्तरों में लोग कानों को ढंकने वाले यंत्र लगाकर ऐसे बैठते हैं जैसे वे ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझा रहे हों। असल में, वे केवल उस शोर से भाग रहे हैं जो उनके भीतर है—यह अहसास कि उनका काम पूरी तरह से निरर्थक है। तुम बाहरी दुनिया की आवाजें तो बंद कर सकते हो, लेकिन उस अंदरूनी चीख का क्या करोगे जो तब निकलती है जब तुम देखते हो कि तुम्हारी पूरी मेहनत केवल किसी और की बैलेंस शीट का एक नगण्य दशमलव है? तुम एक ऐसे ‘लोकल मिनिमा’ (local minima) में फंसे हो जहाँ से बाहर निकलने का रास्ता तुमने खुद ही बंद कर दिया है क्योंकि तुम्हें डर है कि बाहर की दुनिया में तुम्हारी कोई कीमत नहीं है। तुम्हारी संज्ञानात्मक क्षमता का हर कतरा उन कार्यों पर खर्च हो रहा है जो एक महीने बाद रद्दी की टोकरी में होंगे। तुम केवल एक सांख्यिकीय त्रुटि हो जिसे सिस्टम धीरे-धीरे ठीक कर रहा है। अपनी इस ज्यामिति को पहचानो, इससे पहले कि तुम्हारा अस्तित्व पूरी तरह से शून्य हो जाए। या शायद तुम पहले से ही शून्य हो, बस तुम्हें अभी तक इसका डेटा नहीं मिला है。

コメント