हमने पिछली बार बात की थी कि कैसे यह ब्रह्मांड ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) के दूसरे नियम, यानी अव्यवस्था (Entropy) की ओर एक निरंतर और हताश गिरावट है। आज उसी मलबे को थोड़ा और कुरेदते हैं। जिसे आप अपनी ‘करियर यात्रा’ कहते हैं, वह वास्तव में कोई आध्यात्मिक खोज नहीं है। वह केवल एक रीमैनियन मैनिफोल्ड (Riemannian Manifold) पर रेंगने वाले एक थके हुए कीड़े का टेढ़ा-मेढ़ा रास्ता है।
भीड़, पसीना और सांख्यिकी
श्रम बाजार को ‘सूचना ज्यामिति’ (Information Geometry) के चश्मे से देखना एक क्रूर मजाक जैसा लगता है। सिद्धांत रूप में, कौशल प्राप्त करना (Skill Acquisition) एक ‘जियोडेसिक’ (Geodesic) पथ है—दो बिंदुओं के बीच की सबसे छोटी दूरी। लेकिन हकीकत में? हकीकत में यह मुंबई की लोकल ट्रेन या दिल्ली के राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर पीक आवर में चढ़ने जैसा है।
यहाँ गणित और पसीने की बदबू एक हो जाती है। आप एक संभाव्यता स्थान (Probability Space) में धक्का-मुक्की कर रहे हैं, जहाँ हर कोई एक ही दरवाजे से घुसने की कोशिश कर रहा है। जिसे आप ‘महत्वाकांक्षा’ कहते हैं, वह केवल भूखे जानवरों की कतार है जो थोड़े बेहतर चारे की उम्मीद में एक-दूसरे को कुचल रहे हैं। इस भीड़ में आपकी ‘विशिष्टता’ उतनी ही मायने रखती है जितनी बारिश में एक आंसू की।
चाय फिर से बेस्वाद है।
फिशर सूचना और आपकी कीमत
कॉर्पोरेट जगत में ‘वैल्यू’ शब्द का इस्तेमाल ऐसे होता है जैसे वह कोई पवित्र मंत्र हो। लेकिन गणितीय रूप से, आपकी कीमत केवल ‘फिशर सूचना’ (Fisher Information) है। यह एक पैमाना है जो बताता है कि एक पैरामीटर (यानी आप) के बदलने से सिस्टम के परिणाम (यानी कंपनी के मुनाफे) में कितनी हलचल होती है।
जरा इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी के संदर्भ में देखें। जब आप बीमार पड़ते हैं या छुट्टी लेते हैं, तो क्या ऑफिस का काम रुक जाता है? क्या आपके बॉस के चेहरे पर शिकन आती है? या फिर सिस्टम उसी निर्दयता से चलता रहता है? यदि आपके न होने से ‘ल likelihood function’ में कोई बदलाव नहीं आता, तो मुबारक हो—आपकी फिशर सूचना शून्य है। आप सांख्यिकीय शोर (Statistical Noise) से ज्यादा कुछ नहीं हैं।
लोग इस शून्य से ऊपर उठने के लिए क्या नहीं करते। वे अपनी रातों की नींद हराम करते हैं, केवल इसलिए ताकि वे उस ढलान पर चढ़ सकें जहाँ से वे नीचे मौजूद कीड़ों को हिकारत से देख सकें। वे सपने देखते हैं कि एक दिन उनकी कलाई पर [वह स्विस निर्मित विलासिता का प्रतीक](https://www.rolex.com/ja) होगा, जो यह चिल्ला-चिल्ला कर बताएगा कि उनका वक्त दूसरों के वक्त से ज्यादा कीमती है। लेकिन अफसोस, अधिकांश के लिए यह चढ़ाई एक चिकनी, तेल लगी दीवार पर चढ़ने जैसा है। नाखून उखड़ जाते हैं, लेकिन पकड़ नहीं बनती।
कुटिल वक्रता (Curvature)
समस्या यह है कि जिस सतह पर हम चल रहे हैं, वह समतल (Flat) नहीं है। यह मुड़ी हुई है। अमीरों और विशेषाधिकार प्राप्त लोगों के लिए, यह मैनिफोल्ड यूक्लिडियन (Euclidean) है—सीधा, सपाट और घर्षण रहित। उनके लिए ‘सीखना’ और ‘बढ़ना’ एक सहज प्रक्रिया है।
लेकिन आप जैसों के लिए? आपके लिए यहाँ ‘ऋणात्मक वक्रता’ (Negative Curvature) है। हर कदम एक संघर्ष है। नया हुनर सीखने का मतलब है कि आपको अपनी उस सस्ती शराब और नेटफ्लिक्स के उन चंद घंटों की बलि देनी होगी जो आपको यह भूलने में मदद करते हैं कि आपका जीवन कितना दयनीय है। यह घर्षण है। यह ऊष्मा का नुकसान है।
आप अपनी जवानी को कंप्यूटर स्क्रीन के सामने जलाकर राख कर देते हैं। आपकी पीठ झुक जाती है, रीढ़ की हड्डी के मनके एक-दूसरे से रगड़ खाते हैं। और जब दर्द बर्दाश्त के बाहर हो जाता है, तो आप अपनी गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा उस [अत्यधिक महंगी एर्गोनोमिक कुर्सी](https://www.hermanmiller.com/products/seating/office-chairs/aeron-chairs/) के चरणों में अर्पित कर देते हैं, यह सोचकर कि शायद यह प्लास्टिक और जाली का ढांचा आपको बचा लेगा। यह कुर्सी रीढ़ की हड्डी के लिए वही है जो डूबते हुए के लिए तिनका—महंगा, लेकिन अंततः एक दिलासा।
सिस्टम में विलय
अंततः, यह सारी भागदौड़ व्यर्थ है। ‘सिस्टम’—वह विशाल, अदृश्य मशीनरी जो अब मानवीय निर्णयों से परे है—धीरे-धीरे हर पैरामीटर को अपने में मिला रही है। जिसे आप ‘विशेषज्ञता’ कहते हैं, वह मशीन के लिए केवल डेटा का एक और सेट है। हम एक ऐसे बिंदु (Singularity) की ओर बढ़ रहे हैं जहाँ व्यक्तिगत कौशल का सांख्यिकीय महत्व नगण्य हो जाएगा।
हम केवल इनपुट-आउटपुट नोड्स हैं। जब तक आप आउटपुट दे रहे हैं, आपको फीड किया जाएगा। जिस दिन आपका ‘एरर रेट’ बढ़ा, आपको डिस्कार्ड कर दिया जाएगा। कोई विदाई समारोह नहीं, कोई आंसू नहीं। बस एक ठंडा, गणितीय विलोपन।
सर भारी हो रहा है। मुझे घर जाना है, हालाँकि वहाँ भी सुकून नहीं है। बस एक और दिन, एक और गणना, और अंतहीन शून्य।

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